10 फुट के छोटे-से कमरे में ठहरे हैं धोनी, देर रात तक लगा रहे गश्त - Kannur Lokesh Rahul

10 फुट के छोटे-से कमरे में ठहरे हैं धोनी, देर रात तक लगा रहे गश्त

कश्मीर में इन दिनों तनाव की स्थिति बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के बाद वहां हालात खराब होने की संभावना है। हालात पर काबू रहे इसके लिए प्रशासन ने वहां एहतियातन अघोषित कर्फ्यू घोषित कर रखा है। परंतु कश्मीर में तनाव से बेखौफ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान धौनी अवंतीपोर में विक्टर फोर्स मुख्यालय में सुरक्षित बैठने के बजाय दूसरे सैन्याधिकारियों की तरह गार्ड और पोस्ट ड्यूटी निभा रहे हैं। कश्मीर के मौजूदा हालात में भी वह अवंतीपोर हाइवे पर अपने साथी सैन्यकर्मियों के साथ गश्त करते भी दिखे हैं। यही नहीं अवंतीपोर में विक्टर फोर्स मुख्यालय की तरफ जाने वाले रास्ते के बाहरी छोर पर वह अपनी जिप्सी के साथ गत रोज काफी देर तक खड़े रहे। जबकि उनके अधीनस्थ जवानों का एक दस्ता उनसे कुछ दूरी पर खड़ा था।

धोनी के पास सोने के लिए कोई बड़ा कमरा नहीं है, महज दस फुट का कमरा है जिसमें किंगसाइज बेड नहीं बल्कि एक तख्त पर बिछा बिस्तर है। सैन्य डयूटी को अंजाम देने के साथ उन्हें निर्धारित समय पर सुबह-शाम मैदान में पीटी भी करनी पड़ रही है। क्रिकेट की जगह अब वॉलीबॉल खेल रहे हैं।

दक्षिण कश्मीर में आतंकरोधी अभियानों का संचालन कर रही सेना की विक्टर फोर्स के अवंतीपोर स्थित मुख्यालय में ही 106 टीए बटालियन तैनात है। विक्टर फोर्स मुख्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी इनके पास ही है। संबधित सैन्याधिकारियों के अनुसार महेंद्र सिंह धोनी को आतंकरोधी अभियानों की डयूटी नहीं दी गई है। इसके अलावा एक लेफ्टिनेंट कर्नल के तौर पर जो भी काम हैं,उन्हें आबंटित गए हैं। वह 15 अगस्त तक यहीं कश्मीर में रहेंगे। इसमें कोई शक नहीं हैकि वह सेलीब्रिटी हैं, एक हाईस्टाईल लाईफ जीने केआदी हैं। लेकिन यहां वह अन्य सैन्याधिकारियों और जवानों के साथ संबधित सैन्य नियमों के अनुरुपल ही साधारण चीजों के साथ में रह रहे हैं।

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी सेना की 106 टीए बटालियन पैरा के मानद लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। उन्हें यह रैंक 2011 में प्रदान किया गया था। सेना में डयूटी से पूर्व उन्होंने पैराछूट ट्रेनिंग जंप व अन्य प्रशिक्षण भी प्राप्त किए हैं। उन्होंने विश्वकप के दौरान ही क्रिकेट से कुछ समय तक आराम लेने और कश्मीर में स्थित अपनी रेजिमेंट में अपनी सेवाएं देने की इच्छा जताई थी। रक्षा मंत्रालय ने उनकी इस इच्छा को स्वीकारते हुए उन्हें दक्षिण कश्मीर में तैनात 106 टीए बटालियन में डयूटी पर रिपोर्ट करने की अनुमति दी थी।उन्होंने गत शुक्रवार को औपचारिक रुप से अपनी डयूटी को सम्हाल लिया है।

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